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लखनऊ में ICAR-NBFGR और RUPAM के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, मत्स्य पालन और जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ में ICAR-NBFGR और RUPAM के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, मत्स्य पालन और जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

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लखनऊ। मत्स्य पालन, जलीय जैव विविधता के संरक्षण और सतत आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में आईसीएआर-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (ICAR-NBFGR) और डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAM) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य वैज्ञानिक विशेषज्ञता और प्रशासनिक दक्षता को एक मंच पर लाकर मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाना है।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में हुए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने मत्स्य पालन और जलीय संसाधनों के संरक्षण से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

डॉ. काजल चक्रवर्ती और डॉ. एम. देवराज ने किए हस्ताक्षर

समझौता ज्ञापन पर ICAR-NBFGR के निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती और RUPAM के महानिदेशक डॉ. एम. देवराज ने हस्ताक्षर किए।

इस समझौते के माध्यम से वैज्ञानिक संस्थान की विशेषज्ञता और प्रशासनिक प्रशिक्षण एवं प्रबंधन से जुड़ी क्षमताओं के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन के विकास, जलीय जैव विविधता के संरक्षण और सतत आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहित करना है।

अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों और FPO के लिए होंगे संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम

समझौते के तहत विभिन्न हितधारकों की क्षमता बढ़ाने के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से मत्स्य पालन और जलीय संसाधनों से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी को प्रशासनिक एवं जमीनी स्तर पर लागू करने में सहयोग मिलने की उम्मीद है। साथ ही, संबंधित क्षेत्रों में बेहतर प्रबंधन और आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।

नीति निर्माण में भी होगा सहयोग

समझौता ज्ञापन में प्रशिक्षण और कार्यशालाओं के साथ-साथ नीति-निर्माण के क्षेत्र में सहयोग का भी प्रावधान है। वैज्ञानिक विशेषज्ञता और प्रशासनिक अनुभव के समन्वय से मत्स्य पालन, जलीय जैव विविधता संरक्षण तथा सतत आजीविका से जुड़े विषयों पर बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

यह पहल मत्स्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों और संगठनों को आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ संस्थागत सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

वैज्ञानिक विशेषज्ञता और प्रशासनिक दक्षता के समन्वय पर जोर

ICAR-NBFGR और RUPAM के बीच हुआ यह समझौता मत्स्य संसाधनों के संरक्षण तथा उनके सतत उपयोग के लिए वैज्ञानिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण को जोड़ने पर केंद्रित है। संयुक्त प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और नीति-निर्माण सहयोग के जरिए संबंधित हितधारकों की क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

इस पहल से मत्स्य पालन से जुड़े कार्यों, जलीय जैव विविधता संरक्षण और आजीविका संवर्धन के लिए संस्थागत स्तर पर सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

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