मोहनलालगंज, लखनऊ | News Now लखनऊ में प्लॉट खरीदकर अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों की मुश्किलें एक बार फिर चर्चा में हैं। मोहनलालगंज क्षेत्र के ग्राम उतरावां स्थित कृष्णा विहार आवासीय योजना को लेकर कुछ खरीदारों ने कथित तौर पर भुगतान के बावजूद प्लॉट का कब्जा नहीं मिलने और रकम वापस न होने की शिकायतें उठाई हैं। इस योजना का संबंध शेष इंडिया इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड से बताया जा रहा है। हालांकि, शिकायतों की वास्तविक स्थिति, प्रभावित खरीदारों की संख्या और भुगतान से संबंधित कुल रकम की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वर्षों से कब्जे का इंतजार करने का आरोप
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, योजना में प्लॉट खरीदने वाले कुछ लोगों का आरोप है कि उन्होंने वर्षों पहले जमीन की कीमत का भुगतान कर दिया था, लेकिन उन्हें अब तक प्लॉट का कब्जा नहीं मिल सका। कथित तौर पर कुछ खरीदार अपनी जमा रकम वापस पाने की प्रतीक्षा भी कर रहे हैं।
यदि ये शिकायतें दस्तावेजों से पुष्ट होती हैं, तो मामला खरीदारों के हितों, अनुबंध में तय शर्तों और संबंधित पक्षों की जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे मामलों में भुगतान की रसीदें, आवंटन पत्र, बिक्री अनुबंध, कब्जा सौंपने की निर्धारित समयसीमा और कंपनी के साथ हुए पत्राचार की जांच आवश्यक होती है।
जिला पंचायत की अनुमति और RERA पंजीकरण की स्थिति स्पष्ट करने की मांग
कृष्णा विहार योजना को लेकर परियोजना की आवश्यक स्वीकृतियों और उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (UP RERA) में पंजीकरण की स्थिति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि परियोजना के पास जरूरी अनुमतियां नहीं हैं या उसने नियामकीय नियमों का उल्लंघन किया है।
इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और कंपनी से यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि परियोजना के लिए कौन-कौन सी अनुमतियां प्राप्त की गईं, भूमि का कानूनी स्वरूप क्या है, योजना पर RERA के प्रावधान लागू होते हैं या नहीं और यदि लागू होते हैं, तो पंजीकरण की स्थिति क्या है।
खरीदारों के हित में यह भी महत्वपूर्ण है कि उन्हें परियोजना की स्वीकृतियों, विकास कार्यों की प्रगति और प्लॉट का कब्जा देने की समयसीमा के बारे में क्या जानकारी दी गई थी। यदि तय समयसीमा में कब्जा नहीं दिया गया, तो इसकी वजह और खरीदारों को दिए गए जवाब भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

खरीदारों की शिकायतों की स्वतंत्र जांच जरूरी
जमीन खरीदना अधिकांश परिवारों के लिए जीवन की सबसे बड़ी आर्थिक प्रतिबद्धताओं में से एक होता है। ऐसे में भुगतान के बाद कब्जा मिलने में देरी या रकम वापस पाने में परेशानी की शिकायत सामने आने पर संबंधित दस्तावेजों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है।
इस मामले में प्रभावित खरीदारों की संख्या, उनके द्वारा किए गए भुगतान, प्लॉट आवंटन की स्थिति और परियोजना में हुए विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि होना बाकी है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले खरीदारों के दस्तावेजों, कंपनी के रिकॉर्ड और संबंधित विभागों की जानकारी का मिलान आवश्यक है।
कंपनी से जुड़े बताए जा रहे नामों पर भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी
सूत्रों के हवाले से इस परियोजना के संबंध में बृजेश यादव, विवेक घई और अनिल कश्यप के नामों का उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन व्यक्तियों की कंपनी में आधिकारिक हैसियत, परियोजना में भूमिका अथवा किसी कथित अनियमितता में उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।
इन नामों को किसी आरोप या अनियमितता से जोड़ने से पहले कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आना जरूरी है। किसी व्यक्ति का नाम सामने आने मात्र से उसकी जिम्मेदारी या दोष सिद्ध नहीं होता।

संबंधित विभागों की भूमिका पर उठे सवाल
यदि खरीदारों ने संबंधित विभागों में शिकायतें दर्ज कराई हैं, तो उन शिकायतों की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आनी चाहिए। जिला पंचायत, राजस्व विभाग और अन्य सक्षम प्राधिकरणों से परियोजना की भूमि, स्वीकृतियों और विकास संबंधी रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा सकती है। RERA की भूमिका और अधिकार क्षेत्र परियोजना पर लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार निर्धारित होंगे।
सबसे अहम सवाल यह है कि क्या कृष्णा विहार योजना से संबंधित शिकायतों की जांच की गई है? क्या खरीदारों को कब्जा देने में हुई कथित देरी का कोई आधिकारिक कारण बताया गया है? और यदि किसी खरीदार को अनुबंध के अनुसार उसका हक नहीं मिला है, तो उसके समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
फिलहाल, इस मामले में कंपनी का आधिकारिक पक्ष, संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया और शिकायतों पर हुई कार्रवाई की पुष्टि सामने आना बाकी है। Star News 24 के लिए इन बिंदुओं पर दस्तावेजी जानकारी और संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होगा, ताकि खरीदारों की शिकायतों और परियोजना की वास्तविक स्थिति को तथ्यों के आधार पर सामने लाया जा सके।


News Now Network deliver fast, accurate local news coverage, daily sports updates, and official press releases. Admin