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नगर निगम कर्मचारियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति में देरी पर कर्मचारी संघ नाराज, ऑफलाइन व्यवस्था बहाल करने की मांग

नगर निगम कर्मचारियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति में देरी पर कर्मचारी संघ नाराज, ऑफलाइन व्यवस्था बहाल करने की मांग

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ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामियों से 80-85 प्रतिशत सफाई एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परेशान, गंभीर मरीजों के भुगतान लंबित

लखनऊ। नगर निगम लखनऊ के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित भुगतान को लेकर उत्तर प्रदेश नगर निगम कर्मचारी संघ ने नाराजगी जताई है। संघ ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर करने और लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की है।

संघ के अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि शासनादेश दिनांक 09 सितंबर 2026 के तहत चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के निस्तारण के लिए जनहित स्वास्थ्य पोर्टल और मानव संपदा (eHRMS) पोर्टल को एकीकृत कर ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन तकनीकी खामियों और कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिलने के कारण यह व्यवस्था उनके लिए परेशानी का सबब बन गई है।

उन्होंने बताया कि नगर निगम के लगभग 80 से 85 प्रतिशत सफाई एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कम पढ़े-लिखे हैं। ऐसे में तकनीकी जानकारी और आवश्यक संसाधनों के अभाव में उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं, मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों का पंजीकरण और सेवा संबंधी विवरण उपलब्ध नहीं होने से आवेदन स्वीकार नहीं हो पा रहे हैं।

संघ के अनुसार, इस समस्या के चलते गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके आश्रितों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावे लंबित हैं। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

संघ ने मांग की है कि लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का तत्काल भुगतान किया जाए। साथ ही, जब तक ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह सक्षम नहीं हो जाता, तब तक पूर्व की तरह ऑफलाइन प्रक्रिया से आवेदन स्वीकार किए जाएं। कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने, तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने की भी मांग की गई है।

संघ के प्रचार मंत्री ओम कार राजभर ने कहा कि कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को देखते हुए नगर निगम प्रशासन और शासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर आर्थिक राहत मिल सके।

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